नागपुर। ऐडवोकेट अब्दुल अमानी कुरैशी। वर्तमान समय में जिस तरह से शिक्षा का व्यापारी करण हुआ है उससे आम आदमी अपने बच्चों को महंगी शिक्षा दिलाने पर सौ बार सोचता है।
कान्वेंट की चकाचौंध से प्रभावित होकर बच्चों की एडमिशन करने के बाद समय समय पर पैसे वसूले जाते हैं जिससे पालकों का बजट बिगड़ता जाता है। एक समय ऐसा आता है कि पालक धन के अभाव में बच्चों को कान्वेंट से निकाल कर छोटी मोटी स्कुलो में डाल देते हैं। और बच्चे वहां के माहौल में सेट नहीं हूए तो उनका ध्यान पढ़ाई से हटता जाता है । मध्य नागपुर में गरीब , सामान्य वर्गों के बच्चों के लिए प्ले स्कूल खोलकर समाजसेवी जफर अहमद खान ने संजीवनी देने का काम किया है।आगामी सत्र से पहली से चौथी तथा पांचवी से आठवीं तक की शिक्षा का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।


जफर अहमद खान स्वयं एक शिक्षक होने के नाते समाज में व्याप्त गरीबी, बेरोजगारी, निरक्षरता से वो बखुबी वाकीफ है, बच्चों की अधुरी शिक्षा व उचित मार्ग दर्शन न मिलने से बच्चों में भटकाव की स्थिति बनी रहती है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हूए सस्ती किंतू स्तरीय शिक्षा देने का प्रण जफर खान ने लिया है।
मध्य नागपुर में इस प्रकार का एक मात्र कान्वेंट है, जिनकी संस्था में मामूली फीस लेकर शिक्षा दी जा रही है।
सभी सुविधाओ से लैस नवनिर्मित बिल्डिंग और सेवाभावी वृत्ति के शिक्षक व स्टाफ है , जो सदैव बच्चों के लिए बेहतर से बेहतर करने की दिशा में प्रयासरत रहते हैं।
राज्य सरकार हो अथवा केन्द्र सरकार हो अल्पसंख्यको के लिए जो योजनाए सरकार ला रही है ,जमीनी स्तर पर उसका फायदा नहीं मिल रहा है। प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए स्कालरशिप और अन्य सुविधाएं मिलनी चाहिए थी , जो दलित आदिवासी और पिछड़ो को मिल रही है, ऐसी सुविधाएं सरकार मुहैय्या कराए तो यह वर्ग अपेक्षित तरक्की कर सकता है।
लेकिन सरकार तो बजट को कम करते जारही है।
मौलाना आजाद एज्युकेशन फाऊंडेशन का बजट कम कर दिया गया। ऐसे में समाज कैसीए तरक्की करेगा, लोन नहीं मिल रहा है, उच्च शिक्षा के लिए बजट भी है , योजना भी है लेकिन वहां तक बच्चे पहुंचते ही नही।
इन हालातों के बावजूद अंधेरे में रौशनी की किरण बनकर आये जफर खान की कोशिशें रंग लाएगी।
संस्था सचिव फजलए मोबीन सिद्दीकी का मानना है कि अल्पसंख्क समुदायो के बच्चों को रटने वाली पढ़ाई के मुकाबले , मन-मस्तिष्क में बैठने वाली पढ़ाई पढ़ाना है।
फिनलैंड की तर्ज पर यहां के बच्चों को पढ़ाना है, इस उद्देश्य से जफर खान ने दो शिक्षकों को ट्रेनिंग पर भेजा है जो आगामी शैक्षणिक सत्र से यहां पढ़ाएंगे।
संस्था प्रमुख जफर खान ने V CAN न्यूज को बताया की घनी आबादी वाले मध्य नागपुर में कान्वेंट खोला है।इसको प्रतिसाद देने मे अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण होनी चाहिए। अपनी भावी योजना के संदर्भ में जफर खान ने कहा कि, शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा सामाजिक गतिविधियों पर भी हम फोकस करेंगे।
हम बेहतर शिक्षण देने के साथ साथ रोजगार की सुविधा प्रदान करने के लिए एक इनोवेशन सेंटर कौशल विकास केंद्र की स्थापना करेगे टाटा कंपनी के माध्यम से हर साल छात्रों को शिक्षण दिया जाएंगा। छात्रों को प्लेसमेंट और कई को उद्यमिता प्रशिक्षण दिया जाएगा।