नागपुर । अब्दुल अमानी कुरैशी। अमूमन महाराष्ट्र के शैक्षणिक पाठ्यक्रम यूजीसी की अनुमति और नेक द्वारा प्रमाणित होते हैं,।जो पाठ्यक्रम संचालित होते हैं वो पुरी पारदर्शी रहते हैं।उसमें किसी तरह की धोखाधड़ी नहीं होती, क्योंकि कागजों की छानबीन के बाद ही प्रवेश मिलता है।नियमित कक्षाएं लगती है। और इस मामले में महाराष्ट्र के जितने भी विद्यापीठ है , वहां कहीं भी बोगस काम नहीं चलता, इसलिए तो यहां से पढ़कर निकलने वाले विद्यार्थियों को आसानी से जाब मिलती है।मगर महाराष्ट्र में बाहरी राज्यों के विद्यापीठ भी संचालित होते हैं, जिसपर राज्य का अंकुश नहीं है, शायद इसी का फायदा उठाकर ये संस्थान फर्जीवाड़ा करते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार पैरामेडिकल के विद्यार्थियों को फर्जी डिग्री देकर ठगी किए जाने का आरोप लगा है. पीड़ित विद्यार्थियों ने बजाज नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. इस शिकायत के आधार पर बजाज नगर पुलिस ने प्रकरण की जांच आरंभ की है. पीड़ित छात्रों की शिकायत के अनुसार संबंधित शैक्षिक संस्थान अभ्यंकर नगर के एक सभागृह में चलाया जाता था. उन्हें संस्थान ने राजस्थान के एक विद्यापीठ से डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नीशियन (डीएमएलटी) का कोर्स करने का वादा किया था. पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद 8 सितंबर को उन्हें मार्क लिस्ट दी गई. मार्क लिस्ट देखकर उन्हें संदेह हुआ. मार्क लिस्ट पर विद्यापीठ की मुहर नहीं लगी थी. अंक भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहे थे. उनके चार-छह माह बाद मिटने का संदेह हो रहा था. प्रवेश और परीक्षा के समय जिस विद्यापीठ की डिग्री दिलाने का वादा किया गया था उसका नाम भी डिग्री पर नहीं था.
संदेह गहराने पर विद्यार्थियों ने संस्थान के मुखिया से शिकायत की. वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया. शिक्षकों ने भी संस्थान के कार्य प्रणाली की जानकारी होने से इनकार किया. इसके बाद विद्यार्थियों का संदेह गहरा गया. उन्होंने बुधवार को बजाज नगर थाने पहुंच पर शिकायत दर्ज कराई. इसके आधार पर पुलिस ने जांच आरंभ की है। डीएमएलटी पाठ्यक्रम में करीब 50 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था. अधिकांश विद्यार्थी दूसरे जिलों के हैं. वे यहां किराए से रहकर अध्ययन करते थे. प्रत्येक विद्यार्थी से पाठ्यक्रम की फीस के तौर पर 45 हजार रुपए लिए गए थे. छात्र अब खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं. उनका कहना है कि क्लास में महज दो से तीन घंटे ही पढ़ाया जाता था. शिक्षक भी योग्य नहीं थे. वह भी नियमित क्लास नहीं लेते थे।
बजाज नगर की पीआई विट्ठलसिंह राजपूत ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित संस्थान के संचालकों को पूछताछ के लिए तलब किया गया है. उनसे पूछताछ और राजस्थान के विद्यापीठ से संपर्क करने के बाद दी उचित कारवाई की जाएगी ।