नागपुर । अब्दुल अमानी कुरैशी। गोरेवाड़ा जू में अफ्रीकन सफारी बनाने की योजना है। इसके लिए गोरेवाड़ा की ओर से हाल ही में मुंबई के पीडब्ल्यूडी विभाग को अफ्रीकन सफारी का प्लान भेजा गया है। इसे मंजूरी मिलने के बाद यहां सफारी का काम शुरू किया जाएगा। गोरेवाड़ा में करीब 1914 हेक्टेयर जंगल है। वर्ष 2007 मैं यहां 5:39 हेक्टेयर में विकास करने की घोषणा वन मंत्रालय ने की थी, जिसमें इंडियन सफारी के साथ अफ्रीकन सफारी का निर्माण शामिल था। पहले चरण में 145 हेक्टेयर में इंडियन सफारी बनाई गई, जिसमें बाघ, तेंदुआ, भालू व शाकाहारी प्राणियों को रखा गया। इसके बाद बायोपार्क व बर्ड सफारी का भी निर्माण यहीं होना था।

गोरेवाड़ा विकास के 450 करोड़ का बजट है, जिसमें 200 करोड़ सरकार व बाकी खर्च निजी कंपनी को पीपीपी तर्ज पर होने की उम्मीद है।
वर्षों पहले टैंडर प्रक्रिया पूरी करते हुए यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंडियन सफारी का काम पूरा किया गया है। इसके अलावा यहां नेचर ट्रेल की भी तैयारी पूरी हो गई है, जिसमें एनाकोंडा सांप से लेकर विभिन्न राज्य से अलग-अलग प्रजाति के वन्यजीवों को लाया गया है।
अब भारत में पहली बार बन रहे अफ्रीकन सफारी को अफ्रीका की तर्ज पर बनाया जाएगा। अब तक यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में पड़ा था। 
हाल ही में इसका प्लान गोरेवाड़ा लिए कुल व्यवस्थापन ने मुंबई पीडब्ल्यूडी विभाग को भेजा है। मुंबई से प्लान को मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है।