मुंबई | न्यूज़ डेस्क | ट्विटर को खरीदने के लिए दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने अपनी कमर कस ली है। भले ही ट्विटर बोर्ड ने उनके प्रस्ताव अभी स्वीकार नहीं किया हो। इस बीच आई एक रिपोर्ट में एलन मस्क की आगे की योजना का जिक्र किया गया है। इसमें दो सूत्रों के हवाले से कहा है कि ट्विटर को खरीदने के लिए प्रस्तावित ऑफर में मस्क अपनी जेब से 15 अरब डॉलर (75 हजार करोड़ से एक लाख करोड़ रुपये तक) तक खर्च कर सकते हैं।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्विटर में दूसरे सबसे बड़े हिस्सेदार एलन मस्क है। उनके पास कंपनी में 9.1 फीसदी की हिस्सेदारी है। सूत्रों ने कहा कि ट्विटर को खरीदने की अपनी योजना के तहत उम्मीद है कि आने वाले दस दिनों में मस्क एक टेंडर जारी कर सकते हैं। इसके अलावा रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि एलन मस्क ने करीब 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने की तैयारी भी कर ली है और इसके लिए उन्होंने मॉर्गन स्टेनली से संपर्क भी साधा है।
जहां एक ओर एलन मस्क ट्विटर को खरीदकर निजी कंपनी में तब्दील करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। तो दूसरी ओर उनके इस मंसूबे को नाकाम करने के लिए ट्विटर ने भी प्वाइजन पिल प्लान अपनाया हुआ है। इसे एलन मस्क की राह में बड़ा रोड़ा माना जा रहा है। बहरहाल, भले ही मस्क हर रोज ट्विटर पर कब्जा करने की अपनी तैयारी को लेकर नए-नए पैंतरे आजमा रहे हों और बयान जारी कर रहे हों, लेकिन ट्विटर की ओर से इन पर कोई नई टिप्पणी नहीं की गई है।
गौरतलब है कि ट्विटर में हिस्सेदारी खरीदने के बाद एलन मस्क ने उस समय दुनियाभर में खलबली मचा दी, जब उन्होंने ट्विटर को 43 अरब डॉलर में खरीदने का प्रस्ताव दे डाला। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को खरीदने के इस ऑफर के तहत मस्क कंपनी के हर शेयर के बदले 54.20 डॉलर के हिसाब से भुगतान करने के लिए तैयार हैं।
बता दें कि मस्क ने ट्विटर बोर्ड में शामिल होने के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद लिखे एक पत्र में अपना ऑफर देते हुए कहा कि ट्विटर के पास बोलने की स्वतंत्रता के मामले में असाधारण क्षमता है और इसका दायरा बहुत बढ़ा है, मैं इसे अनलॉक करना चाहता हूं। उन्होंने लिखा कि मैंने जब ट्विटर में निवेश किया तो उसके बाद मुझे इस बात का एहसास हुआ कि अभी कंपनी इस सामाजिक अनिवार्यता को अपने वर्तमान स्वरूप में विकसित करने में समर्थ नहीं है। मुझे लगता है कि ट्विटर को एक निजी कंपनी में बदलने की जरूरत है।