मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | ऐसे में हर ग्रह को लेकर उसे शांत करने यानि उसके अशुभ प्रभाव में कमी लाने के कई तरीके विभिन्न ज्योतिष उपायों के तहत बताए गए हैं। इन्हीं में कुछ तांत्रिक उपाय भी हैं, जिनमें ग्रह के वैदिक मंत्र,बीज मंत्र से लेकर तांत्रिक मंत्र तक का उपयोग किया जाता है।
यहां एक बात समझना अति आवश्यक है कि चूंकि शनि को न्याय का देवता माना गया है, ऐसे में वे दंड के विधान के तहत ही अपना हर व्यक्ति पर प्रभाव छोड़ते हैं। और दंड के इस विधान के कारण ही लोगों के मन में शनि देव को लेेकर भय उत्पन्न रहता है।
जानें शनिवार से जुड़े कुछ खास उपाय:
- कुंडली में शनि के पीड़ा देने पर
जानकारों के अनुसार यदि आपकी कुंडली में शनि पीड़ा दे रहा है या कोई ऐसी समस्या आ गई है जिसका समाधान नहीं हो पा रहा है। तो सरसों के तेल से जुड़ा एक साधारण है जिसका प्रभाव अचूक माना जाता है। इसके तहत आपको शनिवार को सूर्यास्त के समय किसी मंदिर में मौजूद पीपल के पेड़ में सरसों के तेल का दीपक जलाना है। और इसके बाद बिना मुड़कर देखे व बिना किसी से बात किए आप वापिस घर लौट जाएं।
ये होगा असर
माना जाता है इस उपाय से किसी भी तरह की आ रही आर्थिक समस्या दूर होने के साथ ही घर में पैसे की आवक शुरु हो जाएगी। इस उपाय न केवल अचानक आने वाली समस्याएं खत्म होती हैं, बल्कि शनि और राहु की पीड़ा भी तुरंत दूर होती है।
इस दूसरे उपाय के तहत शनिवार को शाम 8 बजे बाद घर में देसी घी का दीपक जलाकर हनुमान जी यानि बजरंगबली के सामने बैठकर रामचरित मानस के सुंदरकांड का पाठ करें। इस दौरान हनुमानजी को फूल-माला, प्रसाद आदि चढ़ाएं और सपरिवार हर शनिवार को यह पाठ करें। माना जाता है कि ऐसा करने से न केवल शनि बल्कि दूसरे बुरे ग्रहों का अशुभ प्रभाव खत्म हो जाता है।