January 07, 2022

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5G नेटवर्क में 4G से 10 गुना ज्यादा स्पीड तो मिलेगी : लेकिन इसके लिए पैसे कितने चुकाने पड़ेंगे?




मुंबई | न्यूज़ डेस्क | भारत 2022 में मोबाइल नेटवर्क की एक नई पीढ़ी में कदम रखने जा रहा है। शुरुआत 13 मेट्रो शहरों से होगी, जहां 5G नेटवर्क लॉन्च करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि 5G की इंटरनेट स्पीड 4G से 10 गुना ज्यादा होगी। यानी, वॉट्सऐप कॉलिंग हो या HD मूवी डाउनलोड, सब कुछ बहुत आसानी से हो जाएगा।

ये तो हुई आपको मिलने वाली सर्विस की बात, लेकिन सभी के मन में सवाल है कि इस सुपरफास्ट सर्विस के लिए हमें कितनी कीमत अदा करनी पड़ेगी? 5G सर्विस 4G की तुलना में महंगी होगी या सस्ती? क्या 5G के महंगे स्पेक्ट्रम की वसूली 4G प्लान्स के रेट बढ़ाकर की जाएगी?

भारत में तीन टेलीकॉम कंपनियों 5G लेकर आ रही हैं- जियो, एयरटेल और वीआई। किसी कंपनी ने अब तक अपने 5G डेटा प्लान की कीमतों के बारे में कोई खुलासा नहीं किया है। इसलिए 5G टैरिफ कितने के होंगे ये ठीक-ठीक बता पाना मुश्किल है। दुनिया के जिन देशों में 5G सर्विस लॉन्च हो चुकी है, वहां से एक ट्रेंड जरूर समझा जा सकता है।

दुनिया में सबसे पहले साउथ कोरिया ने दिसंबर 2018 में 5G सर्विस लॉन्च की। इसके बाद मई 2019 में स्विट्जरलैंड, UK और अमेरिका ने भी 5G लॉन्च कर दी। अब तक 61 से ज्यादा देशों में 5G शुरू हो चुकी है। हम यहां दुनिया की कुछ चुनिंदा टेलिकॉम कंपनियों के 4G और 5G टैरिफ प्लान्स की तुलना कर रहे हैं। ये आंकड़े 1 महीने के अनलिमिटेड प्लान्स के हैं।

साफ है कि दुनिया बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के अनलिमिटेड 5G प्लान्स 4G की तुलना में महंगे हैं। कंपनियों ने अपने-अपने हिसाब से 10% से 40% तक की बढ़ोत्तरी की है। भारत में जब 5G सर्विस लॉन्च होगी, तो यही ट्रेंड देखने को मिल सकता है। यानी, भारत में भी 5G प्लान्स 4G के मुकाबले 10-40% तक महंगे हो सकते हैं।

याद कीजिए 2G का दौर जब 1 जीबी डेटा में पूरा महीना गुजर जाता था। 3G आने के बाद डेटा की खपत बढ़ी और 4G आने के बाद तो रोजाना 1 से 2 जीबी डेटा खर्च होने लगा। जाहिर है 5G आने के बाद डेटा की खपत कई गुना बढ़ जाएगी। इंडिया मोबाइल ब्रॉडबैंड इंडेक्स 2021 के मुताबिक 2020 में भारत में डेटा की खपत 36% बढ़ी है और आगे भी जारी रह सकती है। ऐसे में एक्सपर्ट्स उम्मीद जता रहे हैं कि 5G का अनलिमिटेड प्लान भले ही महंगा हो, लेकिन 1GB 5G डेटा की औसत कीमत 4G की तुलना में कम हो सकती है।

भारत की टेलिकॉम कंपनियों ने हाल ही में अपने टैरिफ के रेट 20-25% तक बढ़ाए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जल्द ही इसमें और बढ़ोतरी की जा सकती है। इसकी वजह 5G के महंगे स्पेक्ट्रम की खरीद के लिए पैसे की जरूरत और कंपनियां का बढ़ा हुआ कर्ज है।

CRISIL रिसर्च की डायरेक्टर ईशा चौधरी के मुताबिक अमेरिका, चीन और साउथ कोरिया जैसे देशों में 1 जीबी डेटा की कीमत 8-10 डॉलर के बीच है, जबकि भारत में ये 1 डॉलर से भी कम है। ऐसे में कंपनियों के पास टैरिफ महंगे करने का स्कोप है। हालांकि, ये इस साल के अंत तक हो सकता है। सभी कंपनियों का फोकस अपना ARPU बढ़ाने पर है।

केंद्र सरकार ने कहा है कि मार्च-अप्रैल 2022 तक 5G इंटरनेट स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगाई जाएगी। 5G शुरू करने वाली टेलिकॉम कंपनियों ने टेस्ट और ट्रायल पूरी कर लिए हैं। 5G इंटरनेट शुरू करने को लेकर आखिरी फैसला टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) को लेना है।

भारती एयरटेल ने एरिक्सन के साथ मिलकर हैदराबाद में कॉमर्शियल 5G इंटरनेट सेवा की सफलता पूर्व टेस्टिंग भी कर ली है। 2019 में ही जियो ने भी 5G नेटवर्क सेवा विस्तार के लिए देश भर में इंटरनेट नेटवर्क विस्तार के लिए काम करना शुरू कर दिया था।



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