मुंबई | न्यूज़ डेस्क | टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स इन दिनों लोगों को हाई-स्पीड डेटा की सुविधा दे रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी कभी-कभी स्लो नेटवर्क की समस्या हो ही जाती है। कभी कभी ये परेशानी इतनी बढ़ जाती है, कि कॉल पर बात करना भी संभव नहीं हो पाता है। स्लो नेटवर्क की वजह से कई बार पेमेंट करते समय प्रोसेस बीच में ही अटक जाता है।
इस समय भी लोग घबरा जाते हैं। यही कारण है कि खराब नेटवर्क कवरेज सर्विस के चलते लोग कस्टमर्स को दूसरे नेटवर्क की ओर जाना पड़ता है। अगर आपके साथ भी ये परेशानी है तो इसके लिए भी एक उपाय है, जिसे अपनाकर आप खराब नेटवर्क की समस्या से बच सकते हैं।
इसके लिए आप मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) सर्विस का इस्तेमाल कर के अपना नंबर दूसरे नेटवर्क में बिना किसी रुकावट के ट्रांसफर कर सकते हैं। यदि आप भी अपना सिम दूसरे नेटवर्क में पोर्ट करने के बारे में सोच रहे हैं, तो यहां जानिए कि इसे कैसे कर सकते है
- एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क में कैसे पोर्ट करें सिम
इसके लिए आपको अपने नंबर से 1900’ नंबर पर PORT’ स्पेस ‘अपना मोबाइल नंबर’ टाइप करके एक एसएमएस भेजना है। इसे केवल कैपिटल लेटर्स में ही टाइप करें। एसएमएस डिलीवर हो जाने के बाद आपके पास पोर्टिंग रिक्वेस्ट के लिए यूपीसी यानी यूनिक पोर्टिंग कोड वाला एक एसएमएस आएगा।
इसके बाद आपको अपने नजदीकी स्टोर पर जाकर कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव से फॉर्मैलिटीज में मदद करने को कहिए। यहां आपको वेरिफिकेशन के लिए अपने डॉक्यूमेंट जैसे पैन कार्ड, एड्रेस प्रूफ आधार कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस साथ ही एक पासपोर्ट साइज फोटो जमा करना होगा।
वेरिफिकेशन के बाद आपको पोर्टेबिलिटी फीस देनी होगी। ऑपरेशन प्रोसेस को पूरा करने के बाद स्टोर आपको एक नया सिम कार्ड ऑफर करेगा। इस पूरे प्रोसेस में लगभग चार से सात वर्किंग डे का समय लगता है।
वहीं पोर्टिंग प्रोसेस की एलेजिबिलिटी की बात करें तो मौजूदा सिम कार्ड का 90 दिनों से अधिक समय तक इस्तेमाल किया हुआ होना चाहिए, साथ ही कोई भी बिल अमाउंट सिम कार्ड में बकाया नहीं होनी चाहिए।