मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | नए साल 2022 का प्रारंभ होने वाला है | हर कोई जाना चाहता है कि नया साल कैसा होगा | किस्मत के सितारे क्या कहते हैं | बिजनेस, निवेश, नौकरी, सेवा आदि के क्षेत्रों में क्या होने वाला है | नए साल में संबंध कैसे होंगे | स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्थिति कैसी होगी | ऐसे कई सारे सवाल हैं, जिनका जवाब दे रहे हैं काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट | उन्होंने अंक ज्योतिष के आधार पर नए साल 2022 की भविष्यवाणी की है | आइए जानते हैं कि नया साल भारत के लिए कैसा रहने वाला है |
नए साल 2022 में भारत का भविष्य
भारतीय ज्योतिष और अंक ज्योतिष के आधार पर विश्लेषण करने पर यह सिद्ध होता है कि आगामी वर्ष 2022 का अत्यंत उथल पुथल से भरे रहने का संकेत है | नववर्ष 2022 का प्रारंभ शनिवार से हो रहा है और साल का अंत भी शनिवार को होगा, जो शासन प्रशासन से लेकर जनजीवन तक के लिए शुभ संकेत नहीं है |
साल 2022 के स्पर्श की लग्न कन्या और राशि वृश्चिक है | चंद्रमा, मंगल एवं केतु के साथ तृतीय स्थान में रहने के कारण भारतवर्ष का पराक्रम तो बढ़ेगा, किन्तु राजनीतिक अस्थिरता का भी योग बनेगा | बुध लग्नेश है, अत: बुध शनि की युति अपने आप में स्वतंत्र भाव रखती है, जो समाज में और प्रवृत्ति में निरंकुशता को बढ़ाएगी |
कुंभस्थ बृहस्पति के कारण राजा, मंत्री एवं प्रजा का परस्पर समभाव बना रहेगा | चूंकि साल 2022 का राजा शनि है और अंत भी शनि से ही है, अत: जन सामान्य का जीवन कष्टप्रद रहेगा | शनि बुद्ध के कारण जहां दर्घटना, दैवीय एवं प्राकृतिक आपदा आएगी, वहीं शासन स्तर पर यथोचित न्याय की स्थापना होगी | जनकल्याण के लिए उत्तम योजनाएं बनेंगी, जो देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करेंगी |
अमेरिका जैसे देशों को गंभीर समस्याओं का सामना करना होगा
शनि पश्चिम दिशा का स्वामी है, अत: अमेरिका जैसे देशों को गंभीर समस्याओं का सामना करना होगा | शनि मंगल का द्विद्वादश योग विश्व के कुछ शक्तिशाली देशों में आपसी वैमनस्य को बढ़ाकर परस्पर उग्ररुप धारण करेगा | यहां तक कि मित्र राष्ट्रों में भी राजनीतिक संबंध अचानक बिगड़ सकते हैं | ऐसी दशा में राष्ट्रों में ध्रुवीकरण की प्रवृत्ति जोर पकड़ेगी |
वर्ष लग्न के विचार से शनि की दृष्टि राहु पर होने के कारण ग्रह स्थिति इस वर्ष विश्वभर में अघटित एवं अप्रत्याशित घटनाचक्र का आभास कराएगी | भारत में पश्चिमोत्तर क्षेत्र भूकंप एवं भयंकर आंधी-तूफान की चपेट में आ सकते हैं | धन और जन की हानि हो सकती है |
साल 2022 में भारत के विदेशी पूंजी में वृद्धि होगी
आर्थिक क्षेत्र में भारत में विदेशी पूंजी की वृद्धि होगी | लोहा एवं खाद्य-अखाद्य तेलों के मूल्य में वृद्धि होगी | उत्तर में विपरीत जलवायु के कारण फसलें प्रभावित हो सकती हैं | देश में विविध प्रकार के रोगों की अधिकता रहेगी | इन सब के वाबजूद अंक ज्योतिष के आधार पर कहा जाता सकता है कि साल 2022 का पूर्णांक 6 है, जो शुक्र ग्रह का द्योतक है | अत: शनि, शुक्र और लग्नेश बुध की परस्पर मित्रता के कारण भारतवर्ष आर्थिक दृष्टि से विश्व के सफल एवं पूंजी समृद्ध देश की श्रेणी में जबरदस्त छलांग लगाएगा |
कई स्वर्णिम लोकोपकारी योजनाएं मूर्त रूप लेंगी | इस वर्ष 2022 में जुलाई से अक्टूबर के मध्य कोई ऐसी घटना घट सकती है, जिसके कारण पूरा विश्व भारत की ओर अपेक्षा की दृष्टि से देखेगा | कुल मिलाकर नया साल 2022 भारतवर्ष के लिए कुछ प्राकृतिक आपदाओं के साथ स्वर्णयुक्त प्रगति की ओर आगे बढ़ेगा |