मुंबई | हस्तरेखा तज्ञो विनोद जी | हिन्दू पंचांग के अनुसार सूर्य ग्रहण का बहुत महत्व है। सूर्य ग्रहण से संबंधित यह तो एक धार्मिक मान्यता है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण और अनोखी खगोलीय घटना है। आइए जानते हैं साल 2022 में सूर्य ग्रहण का का समय, दिन और सूतक काल । ग्रहण की घटना धार्मिक और वैज्ञानिक नजरिए से बहुत ही खास मानी जाती है।
धार्मिक पहलु से ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है, जबकि वैज्ञानिक नजरिए से यह एक खगोलीय घटना मात्र है।मात्र कुछ ही दिन शेष हैं जब साल 2021 को हम अलविदा कहेंगे और नववर्ष यानि साल 2022 का स्वागत करेंगे। ऐसे में आपको बता दें कि आने वाले साल 2022 में भी ग्रहण पड़ेंगे। कुल मिलकर 4 ग्रहण पड़ेंगे जिनमें से 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण होंगे। हिन्दू पंचांग के अनुसार सूर्य ग्रहण का बहुत महत्व है।
ऐसी मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए और ऐसे में भगवान की पूजा भी नहीं की जाती है। सूर्य ग्रहण से संबंधित यह तो एक धार्मिक मान्यता है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण और अनोखी खगोलीय घटना है। आइए जानते हैं साल 2022 में सूर्य ग्रहण का का समय, दिन और सूतक काल ।
साल 2022 का पहला सूर्य ग्रहण कब
सूर्य ग्रहण की तिथि: 30 अप्रैल, शनिवार 2022
समय: दोपहर 12:15 से सायं 04:07 बजे तक
कैसा होगा यह ग्रहण: आंशिक ग्रहण
कहां दिखेगा: दक्षिणी/पश्चिमी अमेरिका, पेसिफिक अटलांटिक और अंटार्कटिका में
सूतक काल: सूतक मान्य नहीं
साल 2022 का दूसरा सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण की तिथि: 25 अक्तूबर, शनिवार 2022
समय: सायं 04:29 से सायं 05: 42 बजे तक
कैसा होगा यह ग्रहण: आंशिक ग्रहण
कहां दिखेगा: यूरोप, दक्षिणी/पश्चिमी एशिया, अफ्रीका और अटलांटिका
सूतक काल: सूतक मान्य नहीं
कब होता है सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण उस समय लगता है जब सूर्य और चंद्रमा का एक- दूसरे का एक दूसरे से सामना होता है लेकिन चंद्रमा का आकार तुलनात्मक रूप से छोटा होने के कारण सूर्य एक चमकती हुई अंगूठी की तरह नजर आता है। पूर्ण सूर्य ग्रहण केवल उत्तरी भारत के कुछ जगहों पर ही दिखेगा जबकि देश के बाकी हिस्सों में यह आंशिक रूप से नजर आएगा।
सूर्य ग्रहण के दौरान न करें ये काम
इस दौरान कोई भी शुभ काम या नया कार्य न करें।
ग्रहण के दौरान भोजन न पकाना चाहिए और न ही खाना चाहिए।
भगवान की पूजा-आराधना और तुलसी के पौधे व उसके पत्तों को नहीं छूना चाहिए।
सूर्य ग्रहण लगने पर घर से बाहर नहीं जाना चाहिए और न ही घर पर सोना चाहिए।
ग्रहण लगने पर गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
चाकू और सूई का प्रयोग नहीं करना चाहिए।