मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | हिंदू धर्म में पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व होता है। हर माह में एक बार पूर्णिमा पड़ती है। इस दिन पूरा चांद दिखाई देता है। पूर्णिमा के दिन व्रत रखा जाता है और इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का भी बहुत अधिक महत्व होता है।
पूर्णिमा के दिन विधि- विधान से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा- अर्चना की जाती है और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। पूर्णिमा व्रत की तिथि को लेकर बहुत से लोगों को कन्फ्यूजन है। आइए जानते हैं पूर्णिमा व्रत की सही डेट, शुभ मुहूर्त-
पूर्णिमा व्रत- 18 दिसंबर, शनिवार
पूर्णिमा तिथि 18 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 24 मिनट से शुरू हो जाएगी और 19 दिसंबर सुबह 10 बजकर 5 मिनट तक रहेगी। पूर्णिमा व्रत में रात्रि में चांद की पूजा का भी विशेष महत्व होता है, जिस वजह से पूर्णिमा व्रत 18 दिसंबर को रखा जाएगा।
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पूर्णिमा का स्नान-
पूर्णिमा का स्नान 19 दिसंबर, रविवार के दिन किया जाएगा।
पूजा के शुभ मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त- 05:19 ए एम से 06:13 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 11:57 ए एम से 12:38 पी एम
विजय मुहूर्त- 02:01 पी एम से 02:42 पी एम
गोधूलि मुहूर्त- 05:17 पी एम से 05:41 पी एम
अमृत काल- 10:12 ए एम से 12:00 पी एम
निशिता मुहूर्त- 11:51 पी एम से 12:45 ए एम, दिसम्बर 19, 06:57 ए एम, दिसम्बर 19 से 08:45 ए एम, दिसम्बर 19
अमृत सिद्धि योग- 07:08 ए एम से 01:49 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग- 07:08 ए एम से 01:49 पी एम
रवि योग- 07:08 ए एम से 01:49 पी एम