मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | ग्रहण लगना एक खगोलीय घटना होती है, लेकिन धार्मिक और ज्योतिष दृष्टि से भी यह बहुत ही महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। अभी हाल ही में साल 2021 का अंतिम चंद्र ग्रहण बीत चुका है और अब मार्गशीर्ष मास की अमावस्या के दिन साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर 2021, शनिवार को लगने जा रहा है। यह साल का अंतिम सूर्यग्रहण होगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार सूर्य ग्रहण को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
ऐसी मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। इसी के साथ ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के धार्मिक अनुष्ठान पूजा आदि भी नहीं की जाती है। सूर्य ग्रहण से संबंधित यह तो एक धार्मिक मान्यता है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण और अनोखी खगोलीय घटना है।
जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है और सूर्य व पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तो चंद्रमा के पीछे सूर्य कुछ समय के लिए ढक जाता है, इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। आइए जानते हैं सूर्यग्रहण का समय, सूतक काल और यह सूर्य ग्रहण कहां दिखेगा।
- सूर्यग्रहण का समय
- सूर्य ग्रहण की तिथि: 4 दिसंबर, शनिवार को लगने जा रहा है।
- सूर्य ग्रहण का आरंभ: प्रातः11:00 बजे
- सूर्य ग्रहण समाप्त: दोपहर 03:07 मिनट पर
- कहां कहां दिखेगा
- यह साल 2021 का अंतिम सूर्य ग्रहण है। इस सूर्य ग्रहण को दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया,अटलांटिक के दक्षिणी भाग और दक्षिण अफ्रीका में देखा जा सकेगा।
- सूतक काल
- चूंकि 4 दिसंबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा।
किस राशि और नक्षत्र पर रहेगा प्रभाव
हिन्दू पंचांग के अनुसार सूर्य ग्रहण विक्रम संवत 2078 में मार्गशीर्ष मास की अमावस्या को लग रहा है। इसलिए इसका प्रभाव वृश्चिक राशि और अनुराधा और ज्येष्ठा नक्षत्र पर सबसे अधिक रहेगा।