मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | देखते-देखते यह साल खत्म होने को है। इस साल कई दिलचस्प खगोलीय घटनाएं घटीं। ज्योतिष और वैज्ञानिक गणना के अनुसार आज साल का आखिरी चंद्र ग्रहण पड़ने वाला है। यह 580 साल में लगने वाला सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा।
इससे पहले साल 1440 में ऐसा ग्रहण पड़ा था। अब इसके बाद इतना लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण 8 फरवरी 2669 में लगेगा। कहा जा रहा है कि यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन भारत में यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण के रूप में दिखाई देगा।
अवधिः
ग्रहण की शुरुआत दोपहर 12:48 बजे से होगी। इसकी समाप्ति शाम 04:17 बजे होगी। आंशिक चंद्र ग्रहण की अवधि 3 घंटे 28 मिनट की होगी। उपच्छाया चंद्र ग्रहण की अवधि करीब 6 घंटे की होगी।
कहां से दिखेगाः
अरुणाचल प्रदेश और असम को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा। अमेरिका, उत्तरी यूरोप, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र के कुछ हिस्से इस घटना का अनुभव कर सकेंगे।
2021 में दो चंद्र ग्रहण-
इस साल दो चंद्र ग्रहण का योग बना। पहला चंद्र ग्रहण 26 मे 2021 में लगा था और दूसरा आज यानी 19 नवंबर को है। यह साल का आखिरी चंद्र ग्रहण है। इसके बाद 16 मई 2022 को अगला चंद्र ग्रहण लगेगा।
कब होता है चंद्र ग्रहणः
चंद्र ग्रहण यह एक प्राकृतिक घटना है। चंद्र ग्रहण तब होता है, जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और सूर्य के प्रकाश को चंद्रमा तक पहुंचने से रोकती है। खगोलशास्त्रियों के अनुसार चंद्र ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं-
पूर्ण चंद्र ग्रहणः
जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चांद को पूरी तरह से ढक लेती है तब पूर्ण चंद्र ग्रहण का नजारा देखने को मिलता है। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से लाल दिखाई देता है। जिसे सुपर ब्लड मून कहते हैं।
- आंशिक चंद्र ग्रहणः जब चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी आ जाती है और चंद्रमा के कुछ ही भाग पर पृथ्वी की छाया पड़ पाती है। इसे ही आंशिक चंद्र ग्रहण कहते हैं।
- उपच्छाया चंद्र ग्रहणः उपछाया चंद्र ग्रहण जिसे पेनुमब्रल भी कहते हैं। इस अवस्था में सूर्य और चंद्र के बीच पृथ्वी उस समय आती है, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में नहीं होते हैं। इस स्थिति में पृथ्वी की बाहरी हिस्से की छाया यानी उपच्छाया ही चंद्रमा पर पड़ती है। जिससे चन्द्रमा की सतह धुंधली पड़ जाती है, इसी को उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहा जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा का न तो रंग बदलता है और न ही आकार।