अहमदाबाद | न्यूज़ डेस्क | गुजरात में संभवतः पहली बार किसी दुष्कर्मी को 5 दिन की सुनवाई के बाद के कोर्ट ने आरोपी को आखिरी सांस तक आजीवन कैद की सजा सुनाई गई है। सचिन जीआईडीसी में 4 साल की बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले हनुमान निषाद को आजीवन कैद की सजा के साथ एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। सचिन जीआईडीसी की पॉक्साे मामलों की विशेष कोर्ट ने आदेश दिया कि नालसा विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत उसे 15 लाख रुपए मुआवजा देना होगा।
पॉक्साे कोर्ट के एडिशनल सेशंस और स्पेशल पॉक्साे जज पीएस काला ने गुरुवार को यह आदेश दिया। 5 दिन की सुनवाई में 35 गवाहों के बयान हुए। कोर्ट में सरकारी पक्ष द्वारा मुख्य जिला सरकारी वकील नयन सुखड़वाला और राजेश डोबरिया ने दलील की थी। 12 अक्टूबर को सुबह 9.30 बजे तिरुमला पार्क के पास आरोपी ने 4 साल की बच्ची को फ्रूट सलाद का लालच दिया। फिर बच्ची को सिद्धि विनायक इंडस्ट्रियल पार्क की दीवार के पीछे झाड़ियों में ले गया व दुष्कर्म किया। खून से लथपथ मासूम जब रोने लगी तो आरोपी ने उसका गला दबाकर हत्या की कोशिश भी की।
12 अक्टूबर की सुबह 9:30 बजे बच्ची का अपहरण और उसी दिन शाम को वह पुलिस को झाड़ियों से मिली। 13 अक्टूबर की रात 3 बजे आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसी दिन आरोपी को कोर्ट में पेश कर 7 दिन के रिमांड लिया और 21 अक्टूबर को चालान पेश कर दिया। 25 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक लगातार 12 घंटे तक सुनवाई हुई।
इन धाराओं में सुनाई सजा
आईपीसी की धारा 363- 7 साल की सजा और 1000 रुपए जुर्माना
आईपीसी की धारा 307- 5 साल की सजा और 1000 रुपए जुर्माना
आईपीसी की धारा 323- 1 साल की सजा और 1000 रुपए जुर्माना
आईपीसी की धारा 376- आजीवन कैद की सजा और एक लाख रुपए जुर्माना और ना भरने पर 2 साल की सजा
5 दिन लगातार चली कोर्ट
सचिन जीआईडीसी दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने 25 अक्टूबर से लेकर 29 अक्टूबर तक रोजाना 12 घंटे तक सुनवाई की थी। सुबह 11 बजे से सुनवाई शुरू हाे जाती थी, जो रात को 11 से 12 बजे तक चलती थी। 5 दिनों में सुनवाई पूरी कर ली गई। इसके बाद कोर्ट में दिवाली की छुट्टी हो गई थी। बुधवार को कोर्ट शुरू हुआ गुरुवार को आरोपी को सजा सुना दी गई।
एफएसएल के मुताबिक 8 दिन में ही पुलिस को सभी रिपोर्ट दे दी। इसमें बायोलॉजिकल व सेरोलॉजी परीक्षण, डीएनए और एफएसएल की एग्जामिनेशन रिपोर्ट व एफएसएल की सीसीटीवी फुटेज परीक्षण शामिल था।
पुलिस ने साइंटिफिक और 53 दस्तावेजी सबूत इकट्ठा किए
12 अक्टूबर की सुबह 9:30 बजे बच्ची का अपहरण हुआ था। इसके बाद परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया। दोपहर 1:30 बजे के आसपास उसके माता-पिता पुलिस स्टेशन पहुंचे। आरोपी काे पकड़ने के लिए आसपास के इलाकों पांडेसरा, सचिन और सचिन जीआईडीसी के 300 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। उसी रात बच्ची झाड़ियों से मिली। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 13 अक्टूबर को रात 3 बजे के करीब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे 7 दिनों के रिमांड पर लिया गया। पुलिस ने साइंटिफिक सबूत इकट्ठा किए और 21 अक्टूबर को चार्जशीट पेश कर दी गई। इसके अलावा 53 दस्तावेजी सबूत भी पुलिस ने कोर्ट में पेश किए थे। - जेके पंड्या, एसीपी, एफ डिवीजन