मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | दीपावली खत्म होते ही श्रद्धालु अब लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारी में जुट गए हैं। छठ महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाय के साथ शुरू होता है। नहाय खाय के अगले दिन उपवास रख व्रती खरना पूजन करती हैं।
इसके अगले भगवान भास्कर को पहला अर्ध्य शाम को दिया जाता है। छठ के अंतिम दिन प्रात:काल उदयीमान सूर्य को अर्ध्य दिया जाता है और इसके साथ ही चार दिवसीय अनुष्ठान पूरा हो जाता है।
नहाय खाय के दिन पूरे घर की साफ- सफाई की जाती है और स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। इस दिन चना दाल, कद्दू की सब्जी और चावल का प्रसाद ग्रहण किया जाता है। अगले दिन खरना से व्रत की शुरुआत होती है।
खरना : 9 नवंबर 2021
इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाती हैं और फिर सूर्य देव की पूजा करने के बाद यह प्रसाद ग्रहण किया जाता है। इसके बाद व्रत का पारणा छठ के समापन के बाद ही किया जाता है।
भगवान भास्कर को पहला अर्ध्य शाम को- 10 नवंबर 2021
खरना के अगले दिन शाम के समय महिलाएं नदी या तालाब में खड़ी होकर सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं।
छठ पर्व का समापन : 11 नवंबर 2021
खरना के अगले दिन छठ का समापन किया जाता है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले ही नदी या तालाब के पानी में उतर जाती हैं और सूर्यदेव से प्रार्थना करती हैं। इसके बाद उगते सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पूजा का समापन कर व्रत का पारणा किया जाता है।
9 नवंबर 2021 यानी मंगलवार को खरना मनाया जाएगा|
10 नंवबर 2021 यानी बुधवार को छठ पूजा मनाया जाएगा जिसमें डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा|
11 नवंबर 2021यानी गुरुवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पूजा का समापन होगा|