मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | समीर वानखेडे जी की कुंडली जो जन्म का विवरण नेट में उपलब्ध है इंटरनेट के माध्यम में उसी के अनुसार मैं उस के अनुसार विश्लेषण दे रहा हूं | यह एक ज्योतिषी अभ्यास है इनका कन्या लग्न है राशि की कन्या है और लग्न में शनि के साथ दूध भी बैठे हुए हैं |
ऐसे व्यक्ति जिस भी चीज पर नजर डालते हैं वह चीज वह जीत लेते हैं कई सर्जन जो होते हैं मेडिकल विभाग में उनकी कुंडली में भी लग्न में शनि पाया गया है मतलब यह है कि शनि न्याय देवता है | ऐसे इंसान न्याय के साथ ही चलेंगे और उनका साथ दूध देता है बुध और शनि दोनों मित्र हैं इसलिए यह मजबूती से खड़े हैं | अब दूसरी बात यह है यह बहुत आश्चर्य कारक है इनका बारावा राहु है विदेश से संबंध रखता है | राहु के साथ इनका गुरु भी है और मंगल भी है यहां पर गुरु चांडाल की स्थिति भी देखी जाती है और अंगारक योग भी है अंगारक योग जो है वह बहुत ही उसने गरम होता है |
अंगारक यानी गर्मी कहां जाता है इसका उदाहरण है मंगल से योग योग बनता है और मंगल जी के स्वामी हनुमान जी है तो अंगारक योग जब बना था जब हनुमान जी अपनी पूछ पर आग लगाकर लंका जला रहे थे | अंगारक योग गर्भ बनता है तो ठीक उसी तरह से काम करता है यो योग राहु से लेकर हुआ है जोकि राहु है | वह सरकारी नौकरी उच्च पद की नौकरी और इसी राव की वजह से उनको बीच में एक सम्मान प्राप्त हुआ है |
कैसे भी हो उनके वरिष्ठ अधिकारी इसी अंगारक योग के कारण इन्हीं का साथ देंगे अब 12 घर में मंगल होने के कारण यह मांगलिक भी है मंगल भी गर्म ग्रह है इसीलिए जो है अंगारक योग इनके कुंडली में होने से उनके जो भी हाथ डालेगा वह खुद जल जाएगा | फिर वह सरकार हो या कोई भी हो यह इंसान कायदे से चलने वाला इंसान रहेगा क्योंकि शनि उनके लग्न में बैठा है और शनि उचित न्याय करता है यह व्यक्ति न्यायप्रिय रहेगा और आने वाले समय में यह एक वरिष्ठ अधिकारी बनके साबित होगा और यह अभी यह क्यों एक्टिव हो गए इतने क्योंकि जिस मंगल ग्रह से अंगारक योग बना है |
इस वक्त मंगल ग्रह की इंसान माननीय मोदी जी है और यह मंगल ग्रह उनका इनको सहायता करेगा इनकी इनकी नौकरी एक पुलिस विभाग में है और जांच पर प्रक्रिया में यह निरंतर आगे रहते हैं | मंगल की वजह से अंगारक की वजह से और मांगलिक होने की वजह से इनको इस विभाग में सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है और 12 बार राहु जो है मोक्ष का कारक है यह सब घटनाएं क्यों हो रही है इसके पीछे ज्योतिषीय आकलन क्या है यह मैं जानने की कोशिश कि है |
जो व्यक्ति ज्योतिष के जिज्ञासु है उनको भी यह बात समझ में आए और इनका चतुर्थ भाव में शुक्र होने के कारण चतुर्थ भाव की दृष्टि सीधे दशम भाव पर यानी कि कर्म भाव पर जाती है और शुक्र जो है फिल्म इंडस्ट्री का कारक है इसीलिए यह ज्यादा फिल्म इंडस्ट्री पर असर कर रहे हैं |