नई दिल्ली | गुरमीत सिंह | स्मार्टफोन हमारे जीवन का एक जरूरी हिस्सा बन गया है। कई बार हम फोन को हैवी यूज कर लेते हैं, जिससे यह ओवरहीट हो जाता है। जबकि कुछ स्मार्टफोन ऐसे भी हैं, जो साधारण इस्तेमाल पर ही गर्म होने लग जाते हैं। अगर आपके फोन के साथ भी ऐसा ही होता है, तो आपको जरा संभलकर रहना होगा। कई बार स्मार्टफोन फटने या आग लगने जैसी बड़ी दुर्घटना भी हो जाती है। आज हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं, जो आपके फोन की ओवरहीटिंग को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
स्मार्टफोन को कभी भी फुल चार्ज, यानी 100% चार्ज न करें। इसे 90 फीसदी के बाद हटा लें। इसके साथ ही फोन की बैटरी 20 फीसदी से कम होने पर इसे चार्जिंग पर लगा लें। कई लोग फोन को पूरी रात के लिए चार्जिंग पर छोड़ देते हैं, जो कि गलत है।
स्मार्टफोन के गर्म होने का एक बड़ा कारण मोबाइल कवर भी बन गया है। तेज धूप और गर्म वातावरण का असर मोबाइल पर भी पड़ता है। जिस तरह एक बंद, खड़ी कार में गर्मी पैदा हो जाती है, उसी तरह मोबाइल कवर भी फोन की कूलिंग में बाधा डालते हैं। फोन के कवर को समय-समय पर हटाना जरूरी है। इसलिए जब भी फोन का इस्तेमाल न कर रहे हों, इसे कवर से निकाल कर रख देना चाहिए।
कई बार फोन में चल रही बैकग्राउंड ऐप्स भी ओवरहीटिंग का कारण बन जाती हैं। अगर आप किसी ऐप का यूज नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें बैकग्राउंड से बंद कर देना चाहिए। कई ऐप्स बैकग्राउंड में काम करते रहते हैं और फोन गर्म हो जाता है। आप जिन ऐप्स का यूज नहीं कर रहे, उन्हें बंद करने के लिए ऐप आइकन पर फोर्स स्टॉप का चयन करें।
अपनी स्क्रीन की ब्राइटनेस को जितना हो सके कम रखें। इनडोर कंडिशन में यह अच्छा रहता है। ब्राइटनेस जितनी कम होगी, बैटरी पर उतना कम लोड होगा, जिससे डिवाइस कम गर्म होता है। बेहतर होगा कि फोन के ब्राइटनेस को ऑटो मोड में रखें, जो इनडोर में ब्राइटनेस को कम और आउटडोर में ऑटोमैटिकली ज्यादा पर पहुंचा देता है।
कई बार फोन के साथ आने वाला चार्जर टूट जाने या खो जाने की स्थिति में हम लोकल चार्जर या यूएसबी केबल का इस्तेमाल करने लगते है। यह बिलकुल गलत है। अपने स्मार्टफोन को डुप्लीकेट या सस्ते चार्जर से चार्ज करने से स्मार्टफोन ओवरहीटिंग का शिकार हो सकता है। यह ना सिर्फ धीमी चार्जिंग करता है, बल्कि इससे बैटरी खराब होने या फोन में धमाका होने का भी खतरा होता है।