मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | संकट मोचन भगवान हनुमान का जन्म चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि को हुआ था। इस साल पूर्णिमा तिथि 16 अप्रैल, शनिवार को पड़ रही है। चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जी का जन्मदिन मनाया जाता है। इसलिए इस दिन को हनुमान जन्मोत्सव भी कहा जाता है। हनुमान जयंती के दिन शुभ मुहूर्त में पूजा करने का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि बजरंगबली प्रसन्न होकर भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं और संकटों को हरते हैं। आप भी जानें हनुमान जन्मोत्सव पर किन मुहूर्त में न करें हनुमान जी की पूजा व शनि दोष से मुक्ति के उपाय-
राहुकाल- 09:08 ए एम से 10:45 ए एम
यमगण्ड- 01:58 पी एम से 03:34 पी एम
आडल योग- 08:40 ए एम से 05:54 ए एम, अप्रैल 17
विडाल योग- 05:55 ए एम से 08:40 ए एम
गुलिक काल- 05:55 ए एम से 07:31 ए एम
दुर्मुहूर्त- 05:55 ए एम से 06:46 ए एम
वर्ज्य- 04:12 पी एम से 05:43 पी एम
भद्रा- 05:55 ए एम से 01:28 पी एम
हनुमान जन्मोत्सव पर बनने वाले शुभ मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त- 04:26 ए एम से 05:10 ए एम।
अभिजित मुहूर्त- 11:55 ए एम से 12:47 पी एम।
विजय मुहूर्त- 02:30 पी एम से 03:21 पी एम।
गोधूलि मुहूर्त- 06:34 पी एम से 06:58 पी एम।
अमृत काल- 01:15 ए एम, अप्रैल 17 से 02:45 ए एम, अप्रैल 17।
रवि योग- 05:55 ए एम से 08:40 ए एम।
-शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जन्मोत्सव के दिन मंदिर में बजरंगबली को केवड़े का इत्र और गुलाब की माला चढ़ाएं। इसके बाद सरसों के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाने से संकटों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। मान्यता है कि हनुमान जी प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि व आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जन्मोत्सव के दिन नारियल लेकर हनुमान मंदिर जाएं और अपने ऊपर से सात बार उतारते हुए हनुमान जी के सामने फोड़ दें। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन की हर बाधा दूर होती है।
शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए 11 पीपल के पत्तों पर श्री राम का नाम लिखकर इनकी माला बनाएं और हनुमान जी को अर्पित कर दें।