मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना पुण्य प्रदान करता है। इस दिन पूर्वजों का सच्चे मन से ध्यान करें। अगर अमावस्या पर घर पर पितरों की तस्वीर लगाना चाहते हैं तो यह बेहद अच्छा दिन माना जाता है। अमावस्या पर भगवान विष्णु की पूजा करें और घर में श्रीयंत्र स्थापित करें। अमावस्या के दिन जरूरतमंदों की सहायता अवश्य करनी चाहिए।
अमावस्या पर शनिदेव की विधिविधान से पूजा करें। शनिदेव का सरसों के तेल और काले तिल से अभिषेक करें। इस दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व है।
अमावस्या पर शनि मंदिर जाएं और उनके दर्शन कर उनकी कृपा प्राप्त करें। शनि दोष से मुक्ति की प्रार्थना करें। अमावस्या को पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें। काले कुत्ते को सरसों के तेल से बनी रोटी खिलाएं। अमावस्या के दिन हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक दान करें और सिंदूर का चोला चढ़ाएं।
हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। इस दिन जरूरतमंदों को काला तिल, वस्त्र, उड़द की दाल, जूते-चप्पल, कंबल आदि का दान करें। घर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करने से सकारात्मकता का प्रवेश होगा।
अमावस्या के दिन आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाएं। हनुमान जी को लड्डू का भोग लगाएं। अमावस्या पर मंदिर में जाकर अन्न का दान करें। इस दिन घर में गंगाजल का छिड़काव करें।