मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | नववर्ष की प्रथम किरण के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने की लालसा फिलहाल दूर से ही दर्शन करके शांत करना होगी। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए महाकाल मंदिर के गर्भगृह और नंदी हॉल में पुजारी-पुरोहितों को छोड़कर सभी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यह निर्देश 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक लागू रहेगा, इसके बाद आगामी स्थिति को देखकर निर्णय लिया जाएगा।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में अंग्रेजी नववर्ष 2022 के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए गर्भगृह और नंदी हॉल में कुल 5 दिनों के लिए प्रवेश प्रतिबंधित किया जा रहा है। इस दौरान परम्परागत पूजाओं में सम्मिलित होने वाले पुजारी, पुरोहित, प्रतिनिधि तथा ड्यूटीरत कर्मचारियों को छोड़कर अन्य किसी भी व्यक्ति का गर्भगृह एवं नंदी हॉल में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया कि मंदिर समिति के अध्यक्ष कलेक्टर आशीष सिंह के आदेशानुसार श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक मंदिर के पुजारी / पुरोहित कर्मचारियों को छोड़कर श्रद्धालुओं का प्रवेश गर्भगृह में प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालु नंदी मंडपम के पीछे गणेश मंडपम के बैरिकेड्स से ही भगवान महाकाल के दर्शान कर सकेंगे।
मंदिर में निर्गम रैम्प पर वर्षों से संचालित हो रहे निःशुल्क तिलक, प्रसाद वितरण व मौली काउन्टर को पुनः प्रारंभ किया गया है। बुधवार को इसका शुभारंभ किया गया।
प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया मंदिर परिसर में श्री सिद्धि विनायक मंदिर के पीछे बड़ के पेड़ के नीचे आसपास स्टील की बैरिकेडिंग कर वहां मंदिर कर्मचारी को तिलक लगाने व निःशुल्क प्रसाद वितरण हेतु ड्यूटी लगाई गई है। मंदिर परिसर में तिलक प्रसाद की व्यवस्था होने से श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, साथ ही वहां कार्यरत कर्मचारी श्रद्धालुओं को निःशुल्क तिलक लगाने, प्रसाद वितरित करने के साथ-साथ कलाई पर मौली (कलावा) भी बांधेंगे।