October 25, 2021

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रमा एकादशी के दिन जरूर सुनें ये कथा : जानिए पूजा मुहूर्त से लेकर व्रत पारण का शुभ समय और महत्व




मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | एकादशी तिथि को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन विधि-विधान के साथ भगवान श्रीहरि की पूजा अर्चना की जाती है।

भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भक्त एकादशी उपवास भी रखते हैं। 01 नवंबर 2021 को एकादशी व्रत है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इस एकादशी को रमा एकादशी कहा जाता है। रमा एकादशी चतुर्मास की अंतिम एकादशी मानी जाती है।

मां लक्ष्मी के नाम पर है एकादशी का नाम-

माता लक्ष्मी को रमा भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, मां लक्ष्मी के नाम पर ही इस एकादशी का नाम रमा एकादशी पड़ा है।

भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-

रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। इस दिन विधिवत पूजा करने से धन से जुड़ी समस्याओं का अंत हो जाता है। कर्ज आदि से मुक्ति मिलने की मान्यता है।

रमा एकादशी पूजा विधि-

सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें।
भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।
अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।
भगवान की आरती करें।
भगवान को भोग लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग ग्रहण नहीं करते हैं।
इस पावन दिन भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा भी करें।
इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।




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