मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | करवा चौथ का व्रत पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है| इस व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है| इस व्रत को रखने से पति की आयु ही लंबी नहीं होती है, बल्कि सफलता भी प्राप्त होती है| जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है|
करवा चौथ की तैयारियां शुरू
करवा चौथ का व्रत सुहागिनों का प्रिय व्रत है. इस व्रत को लेकर कई दिनों पहले से ही तैयारियां आरंभ हो जाती हैं| करवा चौथ का व्रत, कठिन व्रतों में से एक माना गया है| करवा चौथ पर सुहागिन स्त्रियां अन्न और जल का त्याग कर व्रत को पूर्ण करती हैं| इस दिन चंद्रमा के दर्शन और जल देकर ही करवा चौथ के व्रत का पारण किया जाता है|
पौराणिक कथा के अनुसार जब देवता और दैत्यों के बीच भयंकर युद्ध आरंभ हुआ तो व्रह्मा जी ने देवताओं की पत्नियों को करवा चौथ का व्रत रखने के लिए कहा| माना जाता है कि तभी से करवा चौथ का व्रत को रखने की परंपरा शुरू हुई| एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए माता पार्वती ने भी इस व्रत को रखा था|
करवा चौथ व्रत कब है
24 अक्टूबर 2021, रविवार को पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है| इस तिथि को करवा चौथ कहा जाता है| चतुर्थी की तिथि को संकष्टी चतुर्थी भी कहते हैं| करवा चौथ व्रत कार्तिक मास में मनाने की परंपरा है|
करवा चौथ चंद्रोदय समय- रात्रि- 08 बजकर 07 मिनट
करवा चौथ पर इन बातों का रखें ध्यान
करवा चौथ का व्रत दांपत्य जीवन में खुशियां लाने वाला पर्व भी है| इस दिन सुहागिन स्त्रियों के साथ पतियों को भी कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए| इससे दांपत्य जीवन में मजबूती और मधुरता आती है|
वाद विवाद की स्थिति से बचें
पत्नी का पूरा ख्याल रखें
पत्नी को प्रसन्न रखने का प्रयास करें
इस दिन उपहार आदि भी प्रदान कर सकते हैं
वाणी में मधुरता बनाए रखें
क्रोध और अहंकार से दूर रहें
आदर और सम्मान प्रदान करें