मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | आज शरद पूर्णिमा है| कहते हैं कि शरद पूर्णिमा की रात को मां लक्ष्मी धन की वर्षा करती हैं| मान्यता है कि इस दिन रात्रि के समय मां धरती लोक पर विचरण करती हैं| शास्त्रों के अनुसार इसी दिन समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी की उत्पत्ति हुई थी, इसलिए इसे मां लक्ष्मी का प्राकट्य दिवस भी माना जाता है| शरद पूर्णिमा पर रात्रि के समय मां लक्ष्मी की पूजा करने का प्रावधान है|
यह दिन मां लक्ष्मी को खुश के लिए बेहद खास होता है. इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है| मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणें अमृत की बारिश करती हैं, इसीलिए लोग खीर बनाकर इस दिन चन्द्रमा की रोशनी के नीचे रखते हैं| आइए जानते हैं शरद पूर्णिमा की पौराणिक कथा के बारे में|
शरद पूर्णिमा की पौराणिक कथा
शरद पूर्णिमा की पौराणिक कथा के अनुसार, बहुत पुराने समय की बात है एक नगर में एक सेठ (साहूकार) को दो बेटियां थीं| दोनो पुत्रियां पूर्णिमा का व्रत रखती थीं| लेकिन बड़ी पुत्री पूरा व्रत करती थी और छोटी पुत्री अधूरा व्रत करती थी| इसका परिणाम यह हुआ कि छोटी पुत्री की संतान पैदा होते ही मर जाती थी|
उसने पंडितों से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया की तुम पूर्णिमा का अधूरा व्रत करती थी, जिसके कारण तुम्हारी संतान पैदा होते ही मर जाती है| पूर्णिमा का पूरा व्रत विधिपूर्वक करने से तुम्हारी संतान जीवित रह सकती है|
उसने पंडितों की सलाह पर पूर्णिमा का पूरा व्रत विधिपूर्वक किया| बाद में उसे एक लड़का पैदा हुआ| जो कुछ दिनों बाद ही फिर से मर गया| उसने लड़के को एक पाटे (पीढ़ा) पर लेटा कर ऊपर से कपड़ा ढंक दिया| फिर बड़ी बहन को बुलाकर लाई और बैठने के लिए वही पाटा दे दिया| बड़ी बहन जब उस पर बैठने लगी जो उसका घाघरा बच्चे को छू गया|
बच्चा घाघरा छूते ही रोने लगा| तब बड़ी बहन ने कहा कि तुम मुझे कलंक लगाना चाहती थी| मेरे बैठने से यह मर जाता| तब छोटी बहन बोली कि यह तो पहले से मरा हुआ था. तेरे ही भाग्य से यह जीवित हो गया है| तेरे पुण्य से ही यह जीवित हुआ है| उसके बाद नगर में उसने पूर्णिमा का पूरा व्रत करने का ढिंढोरा पिटवा दिया|
इस साल शरद पूर्णिमा का त्योहार 19 अक्टूबर को मनाया जा रहा है| पंचांग भेद होने के कारण इस साल यह पर्व दो दिन मनया जाएगा| बता दें कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार पूर्णिमा तिथि को शाम 7:03 मिनट पर शुरू होगी और 20 अक्टूबर को रात 8 बजकर 20 मिनट पर समाप्त होगी|