मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | महाशिवरात्रि 2022 में 1 मार्च (मंगलवार) को है। खास बात यह है कि इस साल महाशिवरात्रि पर ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर शिव योग के साथ घनिष्ठा नक्षत्र होगा और चंद्रमा मकर राशि में 04:32 पी एम तक और उसके बाद कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे।
धनिष्ठा नक्षत्र 2 मार्च को सुबह 03:48 तक रहेगा। जबकि 1 मार्च यानी महाशिवरात्रि के दिन सुबह 11 बजकर 18 मिनट पर शिव योग लग जाएगा। महाशिवरात्रि के दिन भगवान भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव का व्रत रखने वालों सौभाग्य, समृद्धि और संतान की प्राप्ति होती है।
महाशिवरात्रि 2022 शुभ मुहूर्त-
चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ - मार्च 01, 2022 को 03:16 ए एम बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त - मार्च 02, 2022 को 01:00 ए एम बजे।
भगवान शिव की चार पहर के पूजन मुहूर्त-
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 06:21 पी एम से 09:27 पी एम
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 09:27 पी एम से 12:33 ए एम, मार्च 02
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 12:33 ए एम से 03:39 ए एम, मार्च 02
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 03:39 ए एम से 06:45 ए एम, मार्च 02।
महाशिवरात्रि 2022 व्रत पारण का समय-
भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि व्रत 2 मार्च को, सुबह 06:45 बजे के बाद पारण किया जा सकेगा।
महाशिवरात्रि का महत्व-
मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शंकर की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मनचाहे वर की प्राप्ति का वरदान मिलता है। भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।