मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी व्रत रखा जाता है। इस साल विजया एकादशी 26 और 27 फरवरी दो दिन रहेगी। एकादशी तिथि प्रारंभ 26 फरवरी को सुबह 10 बजकर 39 मिनट से होगा, जो कि 27 फरवरी को सुबह 08 बजकर 12 मिनट पर समाप्त होगी। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु की विजया एकादशी के दिन विधि-विधान से पूजा करने से हर कार्य में विजय प्राप्त होती है शत्रुओं से छुटकारा मिलता है।
एकादशी व्रत में क्या करें-
-एकादशी व्रत के दिन दान अवश्य करें।
-एकादशी व्रत के दिन अगर संभव हो तो गंगा स्नान करें। ऐसा करना शुभ माना जाता है।
-जल्दी विवाह करवाना चाहते हैं तो एकादशी के दिन केसर, केला या हल्दी का दान करें।
-एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के मन की सभी इच्छाएं पूरी होने के साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी जी प्रसन्न होते हैं।
-एकादशी का व्रत रखने से धन, मान-सम्मान, अच्छी सेहत और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
एकादशी के दिन चावल का सेवन भी होता है वर्जित
एकादशी के पावन दिन चावल का सेवन भी नहीं करना चाहिए। इस दिन सात्विक भोजन ही ग्रहण करें। एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन चावल का सेवन करना अशुभ माना जाता है।
एकादशी पर भूलकर न करें ये काम-
- एकादशी व्रत के दिन भूलकर भी जुआ नहीं खेलना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से व्यक्ति के वंश का नाश होता है।
- एकादशी व्रत में रात को सोना नहीं चाहिए। व्रती को पूरी रात भगवान विष्णु की भाक्ति,मंत्र जप और जागरण करना चाहिए।
- एकादशी व्रत के दिन भूलकर भी चोरी नहीं करनी चाहिए। कहा जाता है कि इस दिन चोरी करने से 7 पीढ़ियों को उसका पापा लगता है।
- एकादशी के दिन भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए व्रत के दौरान खान-पान और अपने व्यवहार में संयम के साथ सात्विकता भी बरतनी चाहिए।
- इस दिन व्रती को भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए किसी भी व्यक्ति से बात करने के लिए कठोर शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इस दिन क्रोध और झूठ बोलने से बचना चाहिए।
- एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए और शाम के समय सोना नहीं चाहिए।