मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस साल महाशिवरात्रि का त्योहार 1 मार्च, मंगलवार को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन जो भक्त पूरे विधि-विधान के साथ भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं, उन्हें मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के अभिषेक के कुछ मंत्रों का जाप करने से शिवजी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
जानें मंत्र व भगवान शिव की चार पहर की पूजा का समय-
- ॐ शिवाय नम:
- ॐ सर्वात्मने नम:
- ॐ त्रिनेत्राय नम:
- ॐ हराय नम:
- ॐ इन्द्रमुखाय नम:
- ॐ श्रीकंठाय नम:
- ॐ वामदेवाय नम:
- ॐ तत्पुरुषाय नम:
- ॐ ईशानाय नम:
- ॐ अनंतधर्माय नम:
- ॐ ज्ञानभूताय नम:
- ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:
- ॐ प्रधानाय नम:
- ॐ व्योमात्मने नम:
- ॐ महाकालाय नम:
- शिव गायत्री मंत्र : ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात्।।
- ॐ ह्रीं नमः शिवाय ह्रीं ॐ।
- ॐ नमः शिवाय
- ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ऊं।
- ॐ आशुतोषाय नमः
महाशिवरात्रि पूजा का शुभ समय-
पहले पहर की पूजा- 1 मार्च को शाम 06 बजकर 22 मिनट से रात 09 बजकर 27 मिनट तक।
दूसरे पहर की पूजा- 1 मार्च की रात 09 बजकर 27 मिनट से रात 12 बजकर 33 मिनट तक।
तीसरे पहर की पूजा- 2 मार्च की सुबह 03 बजकर 39 मिनट से सुबह 06 बजकर 45 मिनट तक।
चौथे पहर की पूजा का समय- 2 मार्च को सुबह 03 बजकर 39 मिनट से 06 बजकर 45 मिनट तक।
व्रत पारण का समय- 02 मार्च को सुबह 06 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।