मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा तिथि आती है। इस बार कार्तिक मास की पूर्णिमा 19 नवंबर 2021 दिन शुक्रवार को पड़ रही है। वैसे तो हर पूर्णिमा का अपना महत्व होता है लेकिन कार्तिक मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन से कई विशिष्ट पौराणिक गाथाएं जुड़ी हुई हैं।
इस दिन को देव दिवाली के रूप में मनाया जाता है साथ ही यह तिथि भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी को भी प्रिय है। दान, स्नान व उपवास के लिए यह दिन बहुत विशेष होता है। यदि इस दिन कुछ उपाय किए जाएं तो धन संबंधी मामलों में लाभ प्राप्त किया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं उपाय।
कार्तिक मास में भगवान विष्णु व तुलसी जी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा कार्तिक की अंतिम तिथि होती है। इस दिन यदि शालीग्राम और तुलसी जी का पूजन किया जाए तो भगवान विष्णु जी प्रसन्न होते हैं व आपके घर में सुख समृद्धि आती है।
इसके अलावा तुलसी में दीपदान भी अवश्य करना चाहिए।कार्तिक पूर्णिमा के बाद भी यदि नियमित रूप से प्रतिदिन सुबह शाम तुलसी पूजन किया जाए और तुलसी में दीप जलाया जाए तो धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
कार्तिक पूर्णिमा पर देव दिवाली भी मनाई जाती है। इस दिन नदी सरोवर या फिर देव स्थान पर जाकर दीपदान करना चाहिए। मान्यता है कि इससे देवता प्रसन्न होते हैं और आपके जीवन की समस्याओं का अंत होता है। इस दिन रात्रि के समय अपने घर में भी दीपावली की तरह दीप जलाने चाहिए व घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों की तोरण लगानी चाहिए। मान्यता है कि इससे लक्ष्मी जी प्रसन्न होकर आपके घर में पधारती हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए महालक्ष्मी स्तुति का पाठ करना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आपका घर धन-धान्य से परिपूर्ण कर देती हैं।