न्यूज़ डेस्क | छठ पूजा का पर्व बिहार, झारखंड, और उत्तर प्रदेश की कई जगहों पर घूमधाम से मनाया जाता है| उत्तर भारत के लोगों के लिए ये त्योहार बेहद खास होता है| कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ का त्योहार मनाया जाता है| इस पर्व की शुरुआत नहाय खाय के साथ होती है| इस दौरान महिलाएं 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखती हैं|
इस साल 8 नवंबर से छठ पर्व की शुरुआत हो रही है. और 11 नवंबर की सुबह सूर्य को अर्घय देने के बाद व्रत का समापन होगा| छठ पूजा के दौरान छठी मैया की पूजा की जाती है| महिलाएं छठ का व्रत अच्छी फसल, परिवार की सुख-समद्धि, संतान की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं|
अगर आप भी पहले बार छठ का व्रत रखने जा रहे हैं, तो पूजा से पहले ही सामग्री की लिस्ट तैयार कर लें| ताकि पूजा के समय कोई दिक्कत या परेशानी का सामना न करना पड़े| छठ पूजा के व्रत के लिए व्रती के वस्त्र आदि पहले से ही ले कर रख लें| अगर आप पहली बार व्रत करने जा रहे हैं, तो सामग्रियों को जुटाने को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है|
आज हम आपको छठ पर्व सामग्रियों की लिस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं. ताकि व्रत के दिन आपको किसी तरह की कोई समस्या का सामना नहीं करना पड़े| आइए जानते हैं कि छठ पूजा के समय किन चीजों की आवश्यकता होती है और किन चीजों को पहले से व्यवस्थित कर लेना बेहतर होता है|
छठ पूजा की सामग्री
- छठ पूजा के लिए व्रती और अन्य घर के सदस्यों के लिए पूजा के दौरान पहनने के लिए नए कपड़े पहले से ही खरीद लें व्रती के लिए 3 दिन की साड़ी या धोती पहले से जरूर खरीद लें
-छठ पूजा के दौरान प्रसाद रखने के लिए बांस की दो बड़ी टोकरी भी लिस्ट में शामिल कर लें
- बांस या पीतल का सूप भी पहले से ही खरीद लें. ये सूरज को अर्घ देने के काम आएगा
-छठ पूजा की सामग्री लिस्ट में एक सेट ग्लास, लोटा और थाली भी शामिल कर लें दूध और गंगा जल रखने के लिए काम आते हैं
-एक नारियल, जिसमें नारियल का पानी भरा हो
छठ पूजा के लिए पत्ते लगे हुए 5 गन्ने भी पहले से ही तैयार कर लें
-चावल
-एक दर्जन मिट्टी के दीपक
-पूजा के लिए धूपबत्ती, कुमकुम, बत्ती
-पारंपरिक सिंदूर
-चौकी
केले के पत्ते
-केला, सेव, सिंघाड़ा, हल्दी, मूली और अदरक का पौधा
-शकरकंदी और सुथनी
-पान और सुपारी
-शहद
-मिठाई
-गुड़, गेहूं और चावल का आटा
-गंगा जल और दूध
यूं करें प्रसाद की तैयारी
छठ पूजा के प्रसाद में गुड़ और गेहूं के आटे से बना ठेकुआ प्रमुख प्रसाद माना जाता है| ठेकुआ के बिना छठ पूजा अधूरी मानी जाती है| इसके अलावा चावल के आटे से बना लड्डू जिसे स्थानीय भाषा में कसार कहते हैं छठ पूजा पर विशेष रूप से तैयार किया जाता है|
छठ से पहले इसे बनाने की तैयारियां भी शुरू कर देनी चाहिए| बता दें कि छठ के एक दिन पहले से प्रसाद बनाने का काम शुरू कर दिया जाता है| दूसरे दिन बांस की टोकरी में पूजा का सामान रखा जाता है| और इस बांस के टोकरे को पुरुष अपने सिर पर लेकर घाट तक पहुंचाते हैं|
व्रती सूरज को अर्घ्य देने के लिए पानी में सूरज की ओर मुंह कर प्रणाम करती हैं और उनके अस्त होने और उदय होने का इंतजार करती हैं| इसके बाद सूरज को दूध से अर्घ्य दिया जाता है| अर्घ्य परिवार का कोई भी सदस्य दे सकता है| छठ पूजा के समापन तक इस बात का खास ध्यान रखें कि कोई भी सामग्री जूठी न हो और शुद्ध रहे|