मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | लक्ष्मी पूजा की विधि: -दिवाली पर लक्ष्मी पूजा से पहले पूरे घर की साफ-सफाई कर लें। घर में गंगाजल का छिड़काव करें। -घर को अच्छे से सजाएं और मुख्य द्वार पर रंगोली बना लें। -पूजा स्थल पर एक चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछाकर वहां देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
- सबसे पहले ईशान कोण या उत्तर दिशा में सफाई के बाद स्वास्तिक बनाएं। अब यहां एक कटोरी चावल रखें। लकड़ी के पाट पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर रखें। ध्यान रहे कि माता लक्ष्मी की तस्वीर में गणेश जी और कुबेर जी की भी तस्वीर रहे।
- सभी मूर्तियों या तस्वीरों पर जल छिड़ककर पवित्र करें।
- अब कुश के आसन पर बैठकर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर जी को वस्त्र, आभूषण, गंध, पुष्प, धूप, दीप, अक्षत और अंत में दक्षिणा चढ़ाएं।
- माता लक्ष्मी सहित सभी देवी-देवताओं के मस्तक पर हल्दी, रोली और चावल लगाएं।
- पूजा करने के बाद भोग या प्रसाद चढ़ाएं।
- अंत में खड़े होकर देवी-देवताओं की आरती उतारें। आरती करने के बाद उस पर जल फेर दें।
- पूजा के बाद घर के आंगन और मेनगेट में दीये जलाएं। एक दीपक यम के नाम का भी जलाना चाहिए।
- पूजा और आरती के बाद ही किसी से मिलने जाएं।
- घर में कोई विशेष पूजन कर रहे हैं तो स्वस्तिक, कलश, नवग्रह देवता, पंच लोकपाल, षोडश मातृका, सप्त मातृका का भी पूजन किया जाता है।
लक्ष्मी पूजन में इन बातों का रखें ध्यान- - दिवाली के दिन पूजा रात के विशेष मुहू्र्त में की जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है और घर में मां लक्ष्मी का वास होता है।
- दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन के समय घर के सभी सदस्य एकत्रित रहें।
- घर के ईशान कोण में ही लक्ष्मी पूजन किया जाना चाहिए।
- पूजा-पाठ बिना आसन नहीं करना चाहिए।
- आरती के बाद उसे दोनों हाथ से ग्रहण करना चाहिए |
लक्ष्मी पूजन की पूजा या दिवाली में कोई भी पूजा हो तो परिवार के सभी सदस्य उपस्थित होना आवश्यक है | सभी सदस्य का कुछ रुपया इकट्ठा जमा करके सबकी एक साथ पूजा कीजिए और खास करके जिनकी शादी हो गई है वह दांपत्य दोनों मिलकर लक्ष्मी पूजन करें |
दिवाली का कोई भी पूजन आप दांपत्य मिलकर ही करें तो बेहतर होगा घर के सभी सदस्य सुगंधित द्रव्य तथा इत्र का उपयोग जरूर करें और सभी लोग मावे का प्रसादी ग्रहण करें और भगवान को मावे का प्रसाद भी चढ़ाएं जितने पुरुष सदस्य हैं |
माथे के ऊपर टोपी जरूर प्रदान करें और जो स्त्री सदस्य हैं माथे के ऊपर यह सर के ऊपर सर ढक के पूजा करें फिर जो है गन्ना थोड़ा बेर बताशा खडू आंवला तथा तुलसी इन सभी का थाली में रखकर पूजा करो |